तरुवर फल नहिं खात है, सरवर पियहि न पान। कहि रहीम पर काज हित, संपति संचहि सुजान॥
Top 89 Rahim Quotes
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धनि रहीम जल पंक को, लघु जिय पियत अघाय। उदधि बड़ाई कौन है, जगत पियासो जाय॥
रहिमन धागा प्रेम का, मत तोड़ो चटकाय। टूटे से फिर ना जुड़े, जुड़े गांठ परि जाय॥
रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून। पानी गए न ऊबरै, मोती मानुस चून॥
रहिमन देखि बड़ेन को, लघु न दीजिए डारि। जहां काम आवै सुई, कहा करै तलवारि॥
रहिमन याचकता गहे, बड़े छोटे ह्वै जात। नारायन हू को भयो, बावन अंगुल गात॥
रहिमन बात अगम्य की, कहन सुनन की नाहिं। जे जानत ते कहत नाहिं, कहत ते जानत नाहिं॥
रहिमन अंसुवा नैन ढरि, जिय दुख प्रगट करेइ। जाहि निकारो गेह ते, कस न भेद कहि देइ॥
रहिमन कबहुँ बड़ेन के, नाहिं गर्व को लेस। भार धरैं संसार को, तऊ कहावत सेस॥
रहिमन ओछे नरन सों, बैर भली ना प्रीत। काटे चाटे स्वान के, दोऊ भाँति विपरीत॥
